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सोचती हूँ प्यार करना चाहिए

By Anjum Rehbar

रंग इस मौसम में भरना चाहिए सोचती हूँ प्यार करना चाहिए ज़िंदगी को ज़िंदगी के वास्ते रोज़ जीना रोज़ मरना चाहिए दोस्ती से तजरबा ये हो गया दुश्मनों से प्यार करना चाहिए प्यार का इक़रार दिल में हो मगर कोई पूछे तो मुकरना चाहिए

← वो उतनी दूर हो गया जितना क़रीब था छुक छुक छुक छुक रेल चली है जीवन की, →
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